प्रथम देव अरहंत, सुश्रुत सिद्धांत जू।
गुरु निर्गन्थ महन्त, मुकतिपुर पन्थ जू।
तीन रतन जग मांहि सो ये भवि ध्याइ़ये।
तिनकी भक्ति प्रसाद परमपद पाइये॥
Library > प्रभु भक्ति
19 October, 2026
16 October, 2026
बचपन से सुना हमने, मालिक तू हमारा है
हम पे आई मुसीबत तो, दिया तूने सहारा है
लोरियों की जगह बाबा तेरे भजनों को सुनते थे
सुनकर तेरे भजनों को सपने यही बुनते थे
16 October, 2026
फूलो का तारो का सबका कहना है, एक हजारो मेरे गुरुवर है,
सारी उमर गुरु की भक्ति करना है,
फूलो का तारो का सबका कहना हैं, एक हजारो मेरे गुरुवर है,
सारी उमर गुरु की भक्ति करना है, फूलो का तारो का सबका कहना है।।
16 October, 2026
तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो
तुम्ही हो बंधु सखा तुम्ही हो
तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो
तुम्ही हो बंधु सखा तुम्ही हो
13 October, 2026
भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना
जब तक तो निभाया है आगे भी निभा देना
हम दीन दुःखी निर्धन, नित नाम जपे प्रतिपल
यह सोच दरश दोगे, प्रभु आज नहीं तो कल
12 October, 2026
तुम से लागी लगन, ले लो अपनी शरण, पारस प्यारा।।
मेटो मेटो जी संकट हमारा ...
निश-दिन तुमको जपूँ, पर से नेहा तजूँ जीवन सारा।
तेरे चरणों में बीते हमारा, मेटो मेटो जी संकट हमारा॥
10 October, 2026
बाजे छम छम छम छमा छम बाजे घुँघरू बाजे घुँघरू०
हाथों में दीपक लेकर आरती करूँ
बाजे छम छम०
प्रभु को उठाया हाथी पे बैठाया २
10 October, 2026
बजे कुण्डलपर में बधाई,
के नगरी में वीर जन्मे, महावीर जी
जागे भाग हैं त्रिशला माँ के,
के त्रिभवन के नाथ जन्मे, महावीर जी
08 October, 2026
विर्तिनी वाटे चाल्या,
राजीमती ने नेमजी
सामु जोइने स्वामी,
मन लोभावो प्रेमथी (2)
08 October, 2026
जल पूजा जुगते करी मेल अनादि विनाश
जल पूजा फल मुज होजो मांगु ऐम प्रभु पास
मेरू शिखर न्हवरावे हो सुरपति
मेरु शिखर न्हवरावे

