Tuesday, 22 September, 2026
शांतिनाथ के चरणों में आ कर के जुक जाना ..
है ये पावन भूमि यहाँ बार बार आना (२)
शांतिनाथ के चरणों में आ कर के जुक जाना
है ये पावन भूमि यहाँ बार बार आना
है ये पावन भूमि यहाँ बार बार आना
तेरे मस्तक पे मुघट है तेरे कानो में पुन्दन है(२)
तु करुना सागर है मुज पर करुना करना
है ये पावन भूमि यहाँ बार बार आना (२)
तेरा तीरथ सुन्दर है तु प्राणों से प्यारा है(२)
मेरी बिनती सुन लेना बेडा पार लगा देना
है ये पावन भूमि यहाँ बार बार आना(२)
तेरी सावली सूरत है मेरे मन को लुभाती है (२)
प्रभु मेरी भक्ति का स्वीकार तु कर लेना
है ये पावन भूमि यहाँ बार बार आना(२)
शांतिनाथ के चरणों में आ कर के जुक जाना
है ये पावन भूमि यहाँ बार बार आना (२)
Source: Rupal Doshi


