Wednesday, 7 October, 2026
नेमजी नी भक्ति ने गुणगान मा,
राजुल खोवाई नेम ध्यान मा ...
एणे मांडी छे आतम नी साधना,
एवी राजुल खोवाई नेम ध्यान मा ...
जुमती ती रोज रोज नेम ना ए राग मा,
आजे तो मन मां वैराग छे,
प्रीतम छे एनो जे, नव नव भव नो,
ए नेम तो आज वीतराग छे,
भव भव नी रीत तोडी, आतम नी प्रीत जोडी,
साची प्रीति ना रसपान मा ...
ए प्रीति तो पोहची मोक्ष धाम मा,
एवी राजुल खोवाइ नेम ध्यान मा ...
Source: Bhavik Shah


