Monday, 5 October, 2026
तपस्या करता करता हो के,
डंका जोर बजाया हो ....
तपस्या करता करता हो के,
डंका जोर बजाया हो ..
उजमणा तप केरां करता,
शासन सोह चढाया हो;
वीर्य उल्लास वधे तेने कारण,
कर्म निर्जरा पाया
तपस्या ...
अडसिद्धि अणिमा लचिमादिक,
तिम लब्धी अडवीसा हो;
विष्णुकुमारादिक परे जगमां,
पावत जयंत जगीशा
तपस्या ...
गौतम अष्टापदगीरी चढीया,
तापस आहार कराया हो;
ते तप कर्म निकाचित तपवे,
क्षमा सहित मुनिराया
तपस्या ...
साडा बार वर्ष जिन उत्तम,
वीरजी भूमि न ठाया हो;
घोर तपे केवल लाह्या तेहना,
पझ्मविजय नमे पाया
तपस्या ...
Source: Tapasya | Stavan


