Wednesday, 23 September, 2026
झुलो रे झूलो रे थे तो त्रिशला रा जाया (2)
थाने तो झुलावे आखी मारवाड़ हो, आखी गुजरात हो
थे तो त्रिशला रा जाया ----
सोनारा पालणीया माहे, रल्नोरी गुंगरियाँ लगाया
फुलडा सु एने सजवाये, मोतीयोरी तो कडिया लगाई
हाँ रेशम री डोर लीनी हाथ रे मांय-
थे तो त्रिशला रा राजा, झुलो रे झूलो ...
त्रिशला माता हरखे-हरखे, धीरे-धीरे, हवले-हवले
वीर ने पोढावे मलके, हालरडडु गावे ने मलके
जनम्या म्हारा कुख, तारणहार.
थे तो त्रिशला रा राजा, झुलो रे झूलो ...
देवों रा दरबार मांहे, आनंद मंगल गावे हो
छप्पन दिग कुमरी मली आवे, गीत अनेरा गावे हो
हा रूमझूम ने गावे बारणीये.
थे तो त्रिशला रा राजा
झूलो रे झूलो ...


