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Library > जैन मंदिर
सोनागिरि

जैन मंदिर सोनागिर दतिया से पांच किलोमीटर दूर पहाड़ियों पर स्थित है।
यह मंदिर ग्वालियर से पचास व झाँसी से चालीस किलोमीटर की दुरी पर
स्थित है। सोनागिरी जिसका मतलब स्वर्णिम शिखर होता है। यह बने
मंदिर दिगम्बर जैन से जुड़े हुये है। दिगम्बर जैन के अनंग कुमार ने इस

हस्तिनापुर

हस्तिनापुर महाभारत काल में कौरवों की राजधानी थी। हस्तिनापुर मेरठ
शहर से 22 मील उत्तर-पूर्व गंगा किनारे स्थित है। यूं तो उत्तर प्रदेश के
कण-कण में इतिहास बसा है। इस प्राचीनधरा पर आज भी खुदाई में त्रेता
से लेकर द्वापर युग तक के अवशेष मिलते रहते हैं। इन्हीं में से एक प्राचीन

श्रवणबेलगोला / गोमतेश्वर

गोमतेश्वर मंदिर भारत के कर्नाटक राज्य में श्रवणबेलगोला नामक तीर्थ
स्थल में है जिसे बाहुबली मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह प्रसिद्ध
मंदिर में श्रवणबेलगोला में 3347 फीट की ऊंचाई पर विध्यगिरि पहाड़ी
की चोटी पर बना है जो प्रमुख रूप से 17 मीटर ऊँची भगवान बाहुबली

पदमपुरा

पदमपुरा, राजस्थान, भारत के जयपुर जिले के शिवदासपुरा शहर में
पडापुरा दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र का स्थल है। यह जयपुर से जयपुर-
कोटा रोड पर 35 किमी की दूरी पर स्थित है।
यह २००१ (१ ९ ४४) के शुक्ल पंचमी संवत को हुआ था, जब मूला जाट

महावीर जी

श्री महावीर जी दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों की आस्था का प्रमुख केंद्र
(मन्दिर) राजस्थान के श्री महावीर जी नामक स्थान पर स्थित है। यह
मंदिर संपूर्ण भारत में जैन धर्म के पवित्र स्थानों में से एक है। इसको 'टीले
वाले बाबा' के रूप में भी जाना जाता है। गंभीर नदी के तट पर स्थित इस

कुण्डलपुर

कुण्डलपुर भारत में जैन धर्म के लिए एक ऐतिहासिक तीर्थ स्थल है।
यह मध्य प्रदेश के दमोह जिले में शहर से 35 किलोमीटर की दूरी पर
स्थित कुंडलगिरी में है। कुण्डलपुर में बैठे (पद्मासन) आसन में बड़े बाबा
(आदिनाथ) की एक प्रतिमा है। इस प्राचीन स्थान को सिद्धक्षेत्र के नाम से

श्री सम्मेद शिखर जी

सम्मेद शिखर जैन धर्म को मानने वालों का एक प्रमुख तीर्थ स्थान है। यह
जैन तीर्थों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। जैन धर्मशास्त्रों के अनुसार जैन धर्म
के 24 में से 20 तीर्थकरों और अनेक संतों व मुनियों ने यहाँ मोक्ष प्राप्त
किया था। इसलिए यह 'सिद्धक्षेत्र' कहलाता है और जैन धर्म में इसे

तमिलनाडु के जैन मंदिर दक्षिण भारत की अनमोल धरोहर

तमिलनाडु के जैन मंदिर दक्षिण भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर हैं।
ये मंदिर जैन धर्म की कला, स्थापत्य और आध्यात्मिक परंपरा का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हैं।
श्रवणबेलगोला, मदुरै और कांची जैसे क्षेत्रों में जैन मंदिरों का ऐतिहासिक महत्व है।
संदेश यही है, ये मंदिर अहिंसा, तप और मोक्षमार्ग

सम्मेद शिखरजी - जैन धर्म का सर्वोच्च तीर्थ

सम्मेद शिखरजी जैन धर्म का सर्वोच्च तीर्थ है, जहाँ अनगिनत तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया।
झारखंड के गिरिडीह ज़िले में स्थित यह पर्वत श्रद्धालुओं के लिए परम पवित्र स्थल है।
यहाँ की शांत वायुमंडलीय आभा आत्मिक साधना और गहन ध्यान के लिए प्रेरित करती है।
जैन आस्था में इसे मोक्षभूमि कहा जाता है, जो अनंत भक्ति और शांति का प्रतीक है।

ग्वालियर किले की जैन शिल्पकला

ग्वालियर किला अपनी भव्यता और ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ जैन शिल्पकला के लिए भी प्रसिद्ध है।
यहाँ की विशाल जैन मूर्तियाँ संगमरमर और पत्थर पर अद्भुत नक्काशी का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
शिल्पकला में तप, त्याग और आध्यात्मिकता की गहरी छाप दिखाई देती है। ग्वालियर किले की जैन 
प्रतिमाएँ श्रद्धालुओं को आस्था और शांति का अनोखा अनुभव कराती हैं।